12 राशियों का इतिहास
परिचय
राशियों की परंपरा हजारों वर्षों से मानव जीवन का मार्गदर्शन कर रही है। आकाश के 360° वृत्त को 12 भागों में बाँटकर प्रत्येक को एक राशि कहा गया। इसे राशि चक्र कहते हैं।
भारतीय ज्योतिष में उत्पत्ति
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वैदिक ज्योतिष में इसे राशि चक्र कहते हैं।
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ऋषि पराशर और वराहमिहिर ने इसका विस्तार से वर्णन किया।
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हर राशि 30° की होती है।
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राशियों का उपयोग विवाह, खेती, त्योहार, अनुष्ठान में किया जाता था।
पाश्चात्य प्रभाव
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बेबीलोनियों और यूनानियों ने भी 12 राशियों की प्रणाली बनाई।
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यूनानी विद्वान टॉलेमी ने इन्हें चार तत्वों (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) से जोड़ा।
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बाद में यह भारतीय ज्योतिष के साथ मिल गया।
12 राशियाँ
मेष 🐏,
वृषभ 🐂,
मिथुन 👬,
कर्क 🦀,
सिंह 🦁,
कन्या 👩,
तुला ⚖️,
वृश्चिक 🦂,
धनु 🏹,
मकर 🐐,
कुंभ 💧,
मीन 🐟.
निष्कर्ष
12 राशियों का इतिहास केवल ज्योतिष नहीं है, बल्कि यह मानव और ब्रह्मांड के गहरे संबंध का प्रतीक है।
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