नवरात्रि का चौथा दिन – माँ कूष्मांडा की पूजा
नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इन्हें ब्रह्मांड की सृष्टिकर्त्री माना जाता है, जिन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से जगत की रचना की। यह देवी सूर्य के केंद्र में निवास करती हैं और समस्त जीवों को शक्ति एवं जीवन प्रदान करती हैं।
माँ कूष्मांडा को आठ भुजाओं वाली, विभिन्न अस्त्र-शस्त्र, जपमाला और अमृत कलश धारण किए सिंह पर विराजमान रूप में पूजते हैं। इनकी आराधना से उत्तम स्वास्थ्य, बल, धन और सुख की प्राप्ति होती है।
भक्तजन कद्दू, लाल फूल, फल और मिठाइयाँ अर्पित करते हैं। इस दिन का शुभ रंग पीला है, जो प्रकाश, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक है।
चौथे दिन की पूजा हमें यह सिखाती है कि सकारात्मकता और मुस्कान से जीवन आनंदमय और सफल बनता है।

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