पुरट्टासी मास का पहला दिन – एक दिव्य प्रारंभ
पुरट्टासी मास तमिल पंचांग का एक अत्यंत पवित्र माह माना जाता है। इसका पहला दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह भगवान वेंकटेश्वर (पेरुमाल) को समर्पित महीने की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन उपवास और पूजा करने से सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
लोग सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करते हैं, दरवाजे पर कोलम और आम के पत्तों से सजावट करते हैं, और केवल शाकाहारी भोजन बनाते हैं। इसी दिन से कई लोग पुरट्टासी शनिवार व्रत की शुरुआत करते हैं। “गोविंदा, गोविंदा” का जाप, तुलसी, केला और फूल चढ़ाना प्रमुख परंपराएं हैं।
यह पहला दिन पूरे महीने के लिए एक दिव्य वातावरण तैयार करता है और भक्तों को शुद्ध विचार, वाणी और कर्म में रहने की प्रेरणा देता है। माना जाता है कि इस माह की पूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं और भगवान वेंकटेश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment